भारत की विश्व स्तरीय मेडिकल क्रांति: सालाना 1 करोड़ विदेशी मरीजों को लाने का लक्ष्य
भारत ने दुनियाभर में मेडिकल टूरिज्म का एक बड़ा केंद्र बनने का लक्ष्य रखा है। इसका बड़ा मकसद हर साल कम से कम 1 करोड़ मरीजों को भारत में इलाज के लिए बुलाना है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के अस्पताल, आधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टर अच्छी गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं देते हैं। विकसित देशों के मुकाबले भारत में इलाज का खर्च 80 प्रतिशत तक कम होता है। इसलिए, जो लोग बिना ज्यादा पैसा खर्च किए इलाज चाहते हैं, उनके लिए भारत एक बेहद आकर्षक जगह बन जाती है।
गोयल ने किया मरीजों के लिए सफर आसान बनाने का आग्रह
यह लक्ष्य हासिल करने के लिए पीयूष गोयल ने सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से कहा कि मरीजों के इलाज के सफर को और आसान बनाया जाए। इसके लिए उन्होंने कुछ अहम बातों पर जोर दिया, जैसे- इलाज के पैकेज बिल्कुल पारदर्शी हों, इंश्योरेंस का भुगतान तेजी से हो, कैशलेस पेमेंट की सुविधा मिले, टेलीकंसल्टेशन की व्यवस्था हो और मरीजों को इंटरप्रेटर का सपोर्ट भी मिले।
गोयल का कहना है कि यह पहल सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि टियर 2 और टियर 3 शहरों को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए।