भारत की पहली बुलेट ट्रेन 2029 तक भरेगी रफ्तार, उन्नत 'कैंटेड टर्नआउट' तकनीक का हुआ इस्तेमाल
भारत की पहली बुलेट ट्रेन अब हकीकत में पटरी पर उतर चुकी है। मुंबई-अहमदाबाद रूट की यह तेज रफ्तार लाइन दिसंबर 2029 तक यात्रियों को 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से मंजिल तक पहुंचाएगी, जिससे लंबी दूरी का सफर कहीं ज्यादा तेज और आरामदायक हो जाएगा।
जापान की मदद से 2017 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट में कई ऐसी आधुनिक तकनीकें इस्तेमाल की जा रही हैं, जिनसे ट्रेनें तेज रफ्तार में भी बिना किसी झटके के आसानी से ट्रैक बदल सकेंगी।
सूरत से वापी का हिस्सा 2027 में खुलेगा
यह पूरा रूट 508 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें 8 पहाड़ी सुरंगें और वेंटिलेटेड हूड जैसी खास सुविधाएं होंगी। ये सुरंगों में अंदर-बाहर आते समय दबाव और शोर को नियंत्रित करने में सहायक होंगी।
इस प्रोजेक्ट का पहला हिस्सा, जो सूरत और वापी के बीच है, 15 अगस्त 2027 तक खोल दिया जाएगा। एक बार पूरी लाइन चालू हो जाने के बाद, मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स से अहमदाबाद के साबरमती तक का सफर बहुत कम समय में पूरा हो सकेगा। इससे रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों, छात्रों और लंबी यात्रा पसंद करने वाले लोगों के लिए आवागमन बेहद आसान हो जाएगा। यह सुविधा सामान्य सड़क यात्रा के मुकाबले कई गुना तेज होगी।