मानसून की मार से महंगा हुआ भारतीय चावल, निर्यात कीमतें 10 महीने के शिखर पर
मौसम की मार से चावल के निर्यात भाव 10 महीने के ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। भारत में मानसून की अनियमितता और बांग्लादेश में बाढ़ की वजह से फसलों पर असर पड़ रहा है, जिससे देश के अंदर चावल की सप्लाई कम हो रही है। वहीं दूसरी ओर, वियतनाम में फसल की कटाई जारी है, जिसकी वजह से वहां की कीमतों में बदलाव देखा जा रहा है।
भारतीय चावल 356-361 डॉलर प्रति टन
इस हफ्ते सप्लाई में कमी के चलते भारत के चावल के निर्यात भाव 356 से 361 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गए। थाईलैंड में भी कीमतें बढ़ी हैं, जो अब 450 से 460 डॉलर प्रति टन के बीच हैं।
इसके उलट, वियतनाम में फसल आने से वहां की कीमतें थोड़ी कम होकर 430 डॉलर प्रति टन पर आ गई हैं। बांग्लादेश में तो हालत और भी खराब हैं। इस साल वहां की बाढ़ ने 28,000 हेक्टेयर से ज्यादा के खेतों को नुकसान पहुंचाया है। पहले से बारिश की दिक्कतों के साथ मिलकर इसने बाजार में चावल की कमी कर दी है, जिससे वहां के भाव और भी ऊपर जा रहे हैं।