भारत-रूस दोस्ती हुई और मजबूत, सेना प्रमुख के रूस दौरे से सैन्य सहयोग को मिला नया आयाम
भारत के सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने अभी-अभी रूस का अपना 3 दिवसीय दौरा पूरा किया है, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को और मजबूत करना था। उन्होंने रूस के बड़े रक्षा अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान ट्रेनिंग और सैन्य क्षमताओं को बेहतर बनाने पर मिलकर काम करने को लेकर बात हुई। यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हाल ही में हुई मुलाकात के बाद हुआ है, जो दिखाता है कि दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को कितना मजबूत बनाए हुए है।
सेठ ने रूस के साथ सेना सहयोग पर की चर्चा
अपने रूस प्रवास के दौरान जनरल सेठ ने रूस के थल सेना मुख्यालय में कई अहम बातों पर चर्चा की। इसमें मौजूदा सैन्य विकास और दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ। खासकर, उन्होंने ट्रेनिंग, क्षमता विकास और पेशेवर अनुभव को आपस में साझा करने पर जोर दिया। उन्होंने सेंट पीट्र्सबर्ग में एक आर्टिलरी अकादमी का भी दौरा किया, जो भारत की सेनाओं को आधुनिक बनाने के लगातार चल रहे प्रयासों को दर्शाता है। एक दिलचस्प बात यह भी है कि 2021 से 2025 के दौरान भारत के कुल हथियार आयात में रूस की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत थी। इसके अलावा, दोनों देश पहले से ही ब्रह्मोस मिसाइल जैसे प्रोजेक्ट्स और नियमित तौर पर होने वाले 'इंद्र' सैन्य अभ्यासों में मिलकर काम करते आ रहे है।