भारत और इजरायल के बीच हुए UPI और रक्षा समेत 27 समझौते, जानिए कहां बढ़ेगा सहयोग
क्या है खबर?
इजरायल के 2 दिवसीय दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ कुल 27 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा, शिक्षा, कृषि और व्यापार जैसे विभिन्न क्षेत्रों को कवर किया गया है। साथ ही इजरालय में UPI के इस्तेमाल को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। मोदी और नेतन्याहू ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। आइए, जानते हैं कि ये समझौते क्या हैं?
समझौता
AI, सुरक्षा और शिक्षा के क्षेत्रों में पहुंच बढ़ेगी
इजारायल-भारत के बीच AI क्षमताओं-रिसर्च को मजबूत किया जाएगा। AI स्टार्ट-अप सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) की अगुवाई में महत्वपूर्ण और उभरती तकनीक में सहयोग की पहल होगी, जिसमें AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, टेलीकॉम, बायोटेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष, रक्षा में मजबूत औद्योगिक सहयोग और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में AI-पावर्ड और मानव-केंद्रित लर्निंग के जरिए भारत के शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। इनोवेशन, डिजिटल साक्षरता और AI टूल्स तक समान पहुंच बनाई जाएगी।
कृषि
कृषि नवाचार केंद्र की स्थापना में सहयोग
भारत-इज़रायल कृषि नवाचार केंद्र की स्थापना पर सहयोग करेंगे, जिससे एडवांस्ड इजरायली इनोवेशन के ज़रिए भारत की खेती की पैदावार और टेक्नोलॉजी अपनाने को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, बागवानी और कृषि-मशीनीकरण क्षेत्रों में रिसर्च, कौशल विकास और आधुनिक खेती के तरीकों को मजबूत करता है खाद्य सुरक्षा को मजबूत मिलेगी। विज्ञान-प्रौद्योगिकी पर संयुक्त आयोग (JCM) को मंत्री स्तर का बनाया गया जाएगा, जिसमें संयुक्त रिसर्च की निगरानी बढ़ाएंगे, स्टार्ट-अप्स का समर्थन, रिसर्च सेंटर्स को जोड़ा जाएगा।
सुरक्षा
UPI और साइबर सुरक्षा पर समझौता
दोनों देश UPI के कार्यान्वयन की व्यवस्था करेंगे, जिससे भारतीय पर्यटकों और व्यवसायों के लिए आसानी होगी। UPI के ज़रिए भारत और इज़रायल के बीच तेज और सस्ता रेमिटेंस होगा। साथ ही, भारत के डिजिटल पेमेंट फुटप्रिंट को मजबूत करता है और वैश्विक वित्तीय संपर्क बढ़ेगा। भारत में साइबर सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र स्थापित होगी, जिससे भारत की ताकत और साइबर सुरक्षा क्षमताएं बढ़ेगी। डिजिटल लचीलापन और नवाचार सरकार, उद्योग और शैक्षणिक साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा।
समझौता
भारत से 50,000 श्रमिक आएंगे इजरायल, रोजगार बढ़ेगा
दोनों देशों के बीच अगले 5 सालों में 50,000 तक भारतीय कामगारों का कोटा तय किया गया है। इसके तहत 50,000 अतिरिक्त भारतीय श्रमिक अगले 5 वर्षों में इजरायल आ सकेंगे। रेस्टोरेंट सेक्टर में भारतीय कामगारों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इजरायल के रेस्टोरेंट, कैफ़े और फ़ूड सर्विस सेक्टर में कौशल, आय को बढ़ावा मिलेगा। विनिर्माण क्षेत्र में भारतीय कामगारों को इजरायल के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नौकरियां मिलेंगी, जिससे भारत के कार्यबल और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
सहयोग
नालंदा और हिब्रू विश्वविद्यालय के बीच सहयोग
दोनों देशों ने बिहार में स्थित नालंदा विश्वविद्यालय और जेरूसलम के हिब्रू विश्वविद्यालय के बीच सहयोग किया है, जिसमें HUJI के साथ आदान-प्रदान के जरिए भारत में रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा। भारत-इजरायल शैक्षणिक सहयोग मंच बनेगा जिससे मजबूत सहयोगात्मक अनुसंधान और शैक्षणिक आदान-प्रदान होगा और दोनों देशों की संस्थाओं के बीच नए अवसर पैदा होगा। कृषि अनुसंधान में 20 संयुक्त फैलोशिप की भारत मेजबानी करेगा, जिसमें 20 भारतीय स्नातकोत्तर शोधकर्ता भारत-इजरायल संयुक्त वित्तपोषित 2-वर्षीय फेलोशिप कार्यक्रम में भाग लेंगे।