भारत का AI महाअभियान: डिजिटल अरेस्ट ठगी से मिलेगी हर नागरिक को सुरक्षा!
भारत डिजिटल ठगी से निपटने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने वाला है, खासकर उन 'डिजिटल अरेस्ट' वाले धोखों से, जिनसे लोगों का भारी नुकसान हो रहा है। इस नई योजना के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से चलने वाली ट्रांजेक्शन निगरानी के साथ-साथ शिकायत दर्ज करने के बेहतर सिस्टम भी बनाए जा रहे हैं। इसमें बुजुर्गों, पहली बार ऑनलाइन आने वाले लोगों और ग्रामीण इलाकों में रहने वालों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा। यह पहल ऐसे वक्त में हो रही है, जब साइबर अपराध की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। अकेले पिछले साल ही 28 लाख शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें 2024 और 2025 में कुल 44,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
भारत आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करेगा
लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर स्थानीय स्तर पर अभियान चलाएगी। इसके अलावा, स्कूलों में नेशनल सेंटर फोर फाइनेंशियल एजुकेशन (NCFE) वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम चलाएगा। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने इस बात पर जोर दिया है कि ये ठगियां सिर्फ पैसे का नुकसान ही नहीं करतीं, बल्कि लोगों को मानसिक और सामाजिक रूप से भी गहरा आघात पहुंचाती हैं। गृह मंत्रालय ने फरवरी में ही एक उच्च स्तरीय अंतर-विभागीय समिति बनाई थी, जिसका मकसद सिस्टम की कमियों को दूर करना और साइबर अपराध पीड़ितों को तुरंत मदद पहुंचाना है।