BRICS में भारत की योजना: चीन से मांगी EV-सोलर तकनीक, FDI नियमों में भी बदलाव
भारत BRICS शिखर सम्मेलन में चीन से कुछ खास तकनीकी सामानों के निर्यात पर लगी पाबंदियों में ढील देने की बात करेगा। यह सम्मेलन 12-13 सितंबर को होने वाला है।
भारत का मुख्य मकसद है कि उसे रेयर-अर्थ मैग्नेट, बैटरी सेल, सोलर टेक्नोलॉजी और HVDC सिस्टम जैसी चीजों तक आसानी से पहुंच मिल सके। ये सभी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) के मोटर और रिन्यूएबल ऊर्जा के लिए बहुत जरूरी हैं।
भारत ने FDI नियमों में बदलाव किया
चीन से होने वाले निर्यात में देरी की वजह से भारत की वाहन निर्माता कंपनियां और क्लीन एनर्जी का काम करने वाली कंपनियों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। इससे इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और सोलर पैनल बनाने में मुश्किलें आ रही हैं।
इस चुनौती से निपटने के लिए भारत ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। भारत ने चीन से जुड़ी 4 बिजली उपकरण कंपनियों को, जिनकी फैक्टरी भारत में ही हैं, सरकारी बिजली परियोजनाओं के टेंडरों में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता से 2 साल की छूट दी है। अब अधिकारियों को उम्मीद है कि सीधी बातचीत से सप्लाई चेन से जुड़ी ये मुश्किलें कम हो सकेंगी।