चावल उत्पादन में भारत को लगा बड़ा झटका, 10 साल की सबसे बड़ी गिरावट
भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है, लेकिन इस बार पिछले दस सालों में पहली बार अपने चावल उत्पादन में भारी कमी देखने वाला है।
इस साल फसल का उत्पादन 1 करोड़ टन कम होकर करीब 14.4 करोड़ टन रह सकता है। इसकी मुख्य वजह खराब मौसम और गर्मियों की फसलों के लिए खेती के रकबे का कम होना है।
कमजोर मानसून और 4 प्रतिशत कम बुवाई
कमजोर मानसून की वजह से चावल उगाने वाले मुख्य इलाकों में जून से अब तक 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में तो सामान्य से 42 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
इसके अलावा, किसानों ने पिछले साल के मुकाबले गर्मियों में बोई जाने वाली चावल की फसल की बुवाई भी 4 प्रतिशत कम की है।
भारत के अतिरिक्त चावल के इस्तेमाल पर सवाल
भारत के पास अभी भी चावल का बड़ा सरकारी भंडार मौजूद है, जो उसकी सालाना जरूरत से करीब 6 गुना ज्यादा है।
इस बीच, अमेरिका ने भारत से इस अतिरिक्त चावल के उपयोग के बारे में नई जानकारी मांगी है। दरअसल, भारत इस चावल के कुछ हिस्से का इस्तेमाल इथेनॉल और अन्य गैर-खाद्य उद्देश्यों के लिए कर रहा है, जिस पर दूसरे देशों ने भी सवाल उठाए हैं।
इस विषय पर इस महीने के अंत में होने वाली एक विश्व व्यापार बैठक में बातचीत होगी।