अमेरिका-ईरान समझौते ने खोला रास्ता, खरीफ की बुवाई से पहले किसानों को मिली बड़ी राहत
यूरिया, DAP और सल्फर जैसे जरूरी खाद की चार खेपें हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरते हुए भारत के लिए रवाना हो चुकी हैं। यह अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए एक समझौते के कारण मुमकिन हो पाया है, जिससे व्यापारिक मार्ग शांत और सुरक्षित बने हुए हैं। केमिकल और फर्टिलाइजर मंत्रालय ने बताया कि ये खेपें कृष्णापट्टनम, काकीनाडा, पारादीप और मुंद्रा बंदरगाहों पर ठीक खरीफ की बुवाई के मौसम में पहुंचने वाली हैं।
आयात से भंडार 196.08 लाख टन तक पहुंचे
इस साल भारत में खाद का भंडार बढ़ गया है। पिछले साल यह 168.67 लाख टन था, जो अब बढ़कर 196.08 लाख टन हो गया है। 1 मार्च से हुए आयात का इसमें बड़ा योगदान रहा है, क्योंकि तब से अब तक 43 लाख टन से ज्यादा खाद विदेश से मंगवाई गई है। मंत्रालय ने ग्लोबल टेंडर के जरिए अतिरिक्त यूरिया का भी इंतजाम किया है। साथ ही, मंत्रालय ओमान और मलेशिया जैसे देशों से भी खाद मंगवा रहा है, ताकि किसानों को उनकी जरूरत के समय खाद की सप्लाई मिलती रहे।