बिजली की तेजी से बढ़ती मांग: भारत 2035 तक 97 गीगावाट कोयला क्षमता बढ़ाने को मजबूर
भारत 2035 तक अपनी कोयला बिजली उत्पादन क्षमता को 97 गीगावाट बढ़ाकर कुल 307 गीगावाट तक पहुंचाने की तैयारी में है। ऐसा इसलिए क्योंकि देश में बिजली की मांग जितनी उम्मीद थी, उससे कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद ने बताया कि बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पिछले साल के तय लक्ष्य से भी ज्यादा बिजली उत्पादन क्षमता की जरूरत पड़ सकती है। यह जरूरत 105 गीगावाट से बढ़कर 150 गीगावाट तक जा सकती है।
CEA अध्यक्ष ने कही परमाणु और पंप-स्टोरेज पर ध्यान देने की बात
इस साल भारत को बिजली की बड़ी कमी झेलनी पड़ी। खासकर जब कमजोर मानसून की वजह से हाइड्रोपावर उत्पादन कम हो गया, तो कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्रों पर काम का बोझ बढ़ गया था। इन मुश्किलों के बावजूद भारत हर साल 50 गीगावट से ज्यादा नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ रहा है। घनश्याम प्रसाद ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य में बिजली की लगातार और स्थिर आपूर्ति बनाए रखने के लिए परमाणु ऊर्जा और पंप-स्टोरेज हाइड्रोपावर को ऊर्जा उत्पादन में शामिल करना बेहद अहम होगा।