वन नेशन, वन पोर्ट' से बदलेगी भारत की तस्वीर, 2027 तक जुड़ेंगे सभी बंदरगाह
भारत के बंदरगाहों में मार्च 2027 तक बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। नई वन नेशन वन पोर्ट प्रोसेस (ONOP) के तहत होने वाले बदलावों से सभी बंदरगाह मैरिटाइम सिंगल विंडो (MSW-सागर सेतु) के जरिए जुड़ जाएंगे।
इससे शिपिंग का काम ज्यादा आसान और पारदर्शी हो जाएगा।
मुंबई में हुई मैरिटाइम स्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (MSDC) की ताजा बैठक में इस बात का ऐलान किया गया। इस कदम का मकसद देश भर में बंदरगाहों के कामकाज को एक समान बनाना है।
MSDC ने ONOP के तहत उठाए जाने वाले कदम बताए
MSDC की यह पहली बैठक थी, जब से इसे एक वैधानिक सलाहकार संस्था का दर्जा मिला है। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने "रेडी रेकनर फॉर इम्प्लीमेंटिंग ONOP" लॉन्च किया और साथ ही कहा कि बंदरगाहों के शुल्क ऑनलाइन प्रकाशित किए जाएं।
जहाज निर्माण को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम के तहत नए क्रेडिट रिस्क इंश्योरेंस प्रोडक्ट शुरू किए गए हैं।
इसके अलावा, भारत के 2030 और उससे आगे के समुद्री विजन के तहत बेहतर पोर्ट कनेक्टिविटी और अपग्रेडेड क्रूज इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी ध्यान दिया जाएगा।