खतरनाक विज्ञापनों पर सरकार सख्त, GLP-1 दवाइयों के इस्तेमाल पर अब सिर्फ विशेषज्ञ डॉक्टर की मुहर
टाइप 2 डायबिटीज और वजन कम करने के लिए इस्तेमाल होने वाली GLP-1 दवाइयों पर भारत सरकार ने अब सख्ती बढ़ा दी है। इन दवाइयों के संदिग्ध विज्ञापनों और बेतहाशा प्रचार को लेकर चिंताएं उठ रही थीं, जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनूप्रिया पटेल ने संसद में बताया कि इन दवाइयों का इस तरह खुला-खुला प्रचार नहीं किया जा सकता, क्योंकि बिना डॉक्टर की देखरेख में इनका इस्तेमाल सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
GLP-1 के लिए अब विशेषज्ञ डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य
GLP-1 दवाइयां अब केवल डॉक्टर की पर्ची पर ही मिलेंगी। इन्हें सिर्फ विशेषज्ञ डॉक्टर ही लिख सकते हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने दवा कंपनियों को गुमराह करने वाले प्रचार तुरंत रोकने की चेतावनी दी है। साथ ही सरोगेट विज्ञापनों पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दवा नियंत्रकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन दवाइयों की सप्लाई, बिक्री और प्रचार पर कड़ी नजर रखें। खासकर ऑनलाइन होने वाली बिक्री और प्रचार पर खास ध्यान देने को कहा गया है, ताकि इनका गलत इस्तेमाल रोका जा सके।