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संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर बोला झूठ, भारत ने जमकर सुनाई खरी-खरीब
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी राजदूत परवथानेनी हरीश ने पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाई

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर बोला झूठ, भारत ने जमकर सुनाई खरी-खरीब

लेखन गजेंद्र
Jan 27, 2026
10:13 am

क्या है खबर?

संयुक्त राष्ट्र (UN) में पाकिस्तान द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में झूठ बोलने पर भारत ने उसकी कड़ी आलोचना की और उसे जमकर सुनाया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तानी राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय स्थायी प्रतिनिधि परवथानेनी हरीश ने कहा कि इस्लामाबाद का एकमात्र उद्देश्य भारत और उसके नागरिकों को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारतीय सेना से युद्धविराम के लिए विनती की थी।

बयान

आतंकवाद को सामान्य नहीं बनाया जा सकता- हरीश

हरीश ने कहा कि सुरक्षा परिषद के निर्वाचित सदस्य पाकिस्तान का एक ही एजेंडा है- भारत और उसके लोगों को नुकसान पहुंचाना। हरीश ने कहा, "हमने पाकिस्तान के प्रतिनिधि से नए सामान्य हालात के बारे में सुना है। मैं फिर से दोहराना चाहता हूं कि आतंकवाद को कभी भी सामान्य नहीं बनाया जा सकता, जैसा कि पाकिस्तान चाहता है। पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को राज्य नीति के एक साधन के रूप में लगातार इस्तेमाल करना बर्दाश्त करना सामान्य बात नहीं है।"

बयान

भारत सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएगा- हरीश

हरीश ने कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा और हिफाजत सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाएगा। उन्होंने कहा, "यह पवित्र कक्ष पाकिस्तान के लिए आतंकवाद को वैधता प्रदान करने का मंच नहीं बन सकता। पाकिस्तान के राजदूत ने ऑपरेशन सिंदूर का झूठा और स्वार्थपूर्ण विवरण प्रस्तुत किया, जिसे भारत ने पिछले साल मई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने के लिए शुरू किया था।"

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संधि

सिंधु जल संधि पर क्या बोला भारत?

राजदूत हरीश ने सिंधु जल संधि को लेकर कहा कि भारत ने 65 साल पहले सद्भावना-मित्रता की भावना से संधि में प्रवेश किया, लेकिन पाकिस्तान ने भारत पर 3 युद्ध और हजारों आतंकवादी हमले करके संधि की भावना का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमलों में हजारों भारतीयों की जान जा चुकी है। भारत संधि को तब तक स्थगित रखने के लिए मजबूर हुआ जब तक आतंकवाद का वैश्विक केंद्र पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन खत्म नहीं करता।"

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सलाह

पाकिस्तान को दी सलाह

राजदूत ने जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने पर पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार किया और इसे भारत का अविभाज्य हिस्सा बताते हुए कहा कि हमारे आंतरिक मामलों में बोलने का पाकिस्तान को कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने सलाह दी कि पाकिस्तान को कानून के शासन के बारे में आत्मनिरीक्षण करना चाहिए और इस्लामाबाद को खुद से सवाल पूछना चाहिए कि उसके सशस्त्र बलों को 27वें संशोधन से संवैधानिक तख्तापलट की अनुमति और उसके सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर को आजीवन प्रतिरक्षा कैसे मिली।

जानकारी

शहबाज शरीफ ने पारित किया 27वां संशोधन

पिछले साल 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद नवंबर में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व में 27वां संवैधानिक संशोधन पारित किया गया, जिसमें पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को किसी भी कानूनी अभियोजन से आजीवन प्रतिरक्षा प्रदान की गई है।

बयान

पाकिस्तानी राजदूत ने UNSC में क्या कहा था?

पाकिस्तान के राजदूत अहमद ने परिषद को बताया कि ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया ने यह साबित कर दिया है कि "जबरदस्ती या दण्डमुक्ति पर आधारित कोई 'नया सामान्य' नहीं हो सकता। इस दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस में 'अंतरराष्ट्रीय विधि के शासन की पुनः पुष्टि: शांति, न्याय और बहुपक्षवाद को पुनर्जीवित करने के मार्ग' विषय पर अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर, जम्मू और कश्मीर और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया था।

आईना

पाकिस्तान के झुकने पर बंद हुआ ऑपरेशन सिंदूर- भारत

हरीश ने UNSC में बताया कि 22 अप्रैल, 2025 को पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की जान ली थी, जिसके प्रतिशोध में 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया गया था। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर संयमित, गैर-उत्तेजक और जिम्मेदार थी। इसका उद्देश्य आतंकवादी ढांचे को नष्ट करना था। उन्होंने बताया कि 9 मई तक पाकिस्तान हमले की धमकी दे रहा था, लेकिन 10 मई को पाकिस्तानी सेना ने सीधे हमारी सेना को फोनकर लड़ाई रोकने की गुहार लगाई थी।

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