भारत का 'आकाश' दुनिया में छाया: ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को मिली DRDO की वायु रक्षा प्रणाली
भारत ने ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को अपना आकाश एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम भेज दिया है। इसे भारतीय रक्षा निर्यात के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह ने इस बात की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इससे पहले आर्मेनिया कई आकाश बैटरी खरीदने वाला पहला देश बन चुका है। इन निर्यात से यह साफ होता है कि भारत की स्वदेशी तकनीक अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रही है।
DRDO द्वारा विकसित आकाश कई खतरों पर नजर रखता है
DRDO द्वारा विकसित आकाश सिस्टम एक साथ कई हवाई खतरों को ट्रैक कर सकता है और उन पर निशाना साध सकता है। यह गतिमान रहते हुए भी ऐसा कर पाने में सक्षम है।
इसकी रेंज 4.5 किलोमीटर से 25 किलोमीटर तक है और यह 20 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ने वाले विमानों को भी इंटरसेप्ट कर सकता है। इन प्रणालियों की डिलीवरी के साथ, भारत अपनी सेना की जरूरतें तो पूरी कर ही रहा है, साथ ही दुनिया भर में आधुनिक रक्षा तकनीक का एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता भी बनता जा रहा है।