नेपाल बाढ़ त्रासदी: भारत बना पहला मददगार, भेजी 62 टन जीवन रक्षक सामग्री
26 अगस्त को नेपाल में अचानक भयंकर बाढ़ आ गई। इसके बाद, भारत ने तुरंत 62 मीट्रिक टन आपातकालीन राहत सामग्री भेजी। इस सामग्री में खाने-पीने का सामान, रहने के लिए शेल्टर, दवाइयां और सोलर लैंप जैसी चीजें शामिल थीं।
माना जा रहा है कि यह आपदा नेपाल-चीन सीमा के पास एक ग्लेशियर के टूटने से आई थी। इस बाढ़ की वजह से नेपाल में कम से कम 579 और तिब्बत में 7 लोगों की जान चली गई। वहीं, 1,900 से ज्यादा लोग लापता हैं और करीब 320 भारतीयों का अब भी कोई अता-पता नहीं है।
नेपाल ने 22.9 करोड़ डॉलर जुटाने की बात कही
प्रधानमंत्री मोदी ने तुरंत नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और अपनी गहरी संवेदना जताते हुए हर संभव मदद का पूरा भरोसा दिया। भारत पहला देश था जिसने तुरंत 3 हवाई उड़ानों के जरिए मदद भेजी। चीन, UAE, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे कई दूसरे देशों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है।
नेपाल ने बताया है कि वह आपदा राहत के लिए 22.9 करोड़ डॉलर तक जुटा सकता है। वहीं, वर्ल्ड बैंक ने भी आपातकालीन सहायता के तौर पर 25 अरब रुपये देने का संकेत दिया है। इन सभी के मिलकर किए गए प्रयासों से जाहिर होता है कि जमीनी स्तर पर पीड़ितों को काफी राहत मिल रही है।