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भारत की मातृ मृत्यु दर में 1990 के बाद से 80 प्रतिशत की आई कमी- अध्ययन
भारत की मातृ मृत्यु दर में 1990 के बाद से 80 प्रतिशत की कमी आई है (तस्वीर: फाइल)

भारत की मातृ मृत्यु दर में 1990 के बाद से 80 प्रतिशत की आई कमी- अध्ययन

Mar 28, 2026
05:37 pm

क्या है खबर?

भारत में मातृ मृत्यु दर में अप्रत्याशित कमी आई है। यह साल 1990 की मातृ मृत्यु दर से लगभग 80 प्रतिशत कम हो गई है। द लैंसेट ऑब्स्टेट्रिक्स, गायनेकोलॉजी और विमेंस हेल्थ पत्रिका में प्रकाशित एक नए वैश्विक अध्ययन में इसका खुलासा हुआ है। अध्ययन के अनुसार, 1990 में भारत की मातृ मत्यु दर प्रति एक लाख जन्मों पर 508 थी, जो साल 2023 में घटकर मात्र 116 रह गई है। यह दर वैश्विक औसत से भी बेहतर है।

तुलना

भारत और पाकिस्तान के मातृ मृत्यु आंकड़ों में कितना रहा अंतर?

अध्ययन के अनुसार, साल 2023 में भारत में 24,700 मातृ मृत्यु हुई, जो प्रति एक लाख जीवित जन्मों पर 116 की मातृ मृत्यु दर दर्शाती है। इसी तरह पाकिस्तान में 10,300 मातृ मृत्यु हुई थीं। इथियोपिया और नाइजीरिया में यह संख्या अधिक थी, जहां क्रमशः 11,900 और 32,900 मातृ मृत्यु दर्ज की गईं। पिछले 3 दशकों में वैश्विक मातृ मृत्यु दर में गिरावट के बावजूद हाल में इसमें कमी आई है और विभिन्न देशों में यह असमानता बनी हुई है।

हवाला

स्वास्थ्य मंत्रालय ने UN-MMEIG द्वारा 86 प्रतिशत की कमी का हवाला दिया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, "मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी प्रगति को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है और संयुक्त राष्ट्र मातृ मृत्यु दर आकलन अंतर-एजेंसी समूह (UN-MMEIG) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 1990 से मातृ मृत्यु दर में 86 प्रतिशत की कमी आई है, जो वैश्विक औसत 48 प्रतिशत से कहीं अधिक है।" यह उपलब्धि 2030 तक मातृ मृत्यु दर को 70 से नीचे लाने के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है।

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आंकड़े

वैश्विक मातृ मृत्यु दर 190.5 पर पहुंची

2023 में दुनियाभर में 2.4 लाख मातृ मृत्यु हुई थीं, जिससे वैश्विक मातृ मृत्यु दर 190.5 पर पहुंच गई। यह 1990 में दर्ज की गई प्रति लाख जीवित जन्मों पर 321 मातृ मृत्यु की तुलना में एक तिहाई से अधिक की गिरावट है। हालांकि, आधे से अधिक देश और क्षेत्र अभी भी प्रति लाख जीवित जन्मों पर 70 से कम मातृ मृत्यु के सतत विकास लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाए हैं। यह बड़ी चिंता का विषय है।

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कारण

रक्तस्राव और उच्च रक्तचाप सबसे बड़े कारण

मातृ मृत्यु के प्रमुख कारण क्षेत्र के अनुसार भिन्न-भिन्न होते हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर मातृ रक्तस्राव और गर्भावस्था संबंधी उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) सबसे अधिक मृत्यु का कारण बनते हैं। प्रसव पूर्व देखभाल, सुरक्षित प्रसव सेवाएं, आपातकालीन प्रसूति देखभाल और प्रसव के बाद निगरानी तक बेहतर पहुंच से उच्च बोझ वाले देशों में मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कोरोना वायरस महामारी ने कुछ क्षेत्रों में मातृ मृत्यु दर को बढ़ाया था।

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