सितंबर 2026 में भारत की रिन्यूएबल एनर्जी में कटौती, जानिए कारण
JMK रिसर्च एंड एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2026 में भारत को अपनी 118.6 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता को कम करना पड़ा था। इसकी मुख्य वजह यह थी कि देश का पावर ग्रिड इस अतिरिक्त ऊर्जा को संभाल नहीं पा रहा था और बैटरी स्टोरेज सिस्टम की भी कमी थी।
इस प्रभावित क्षमता का बड़ा हिस्सा (96.9 गीगावाट) सौर ऊर्जा से था, जबकि 21.7 गीगावाट पवन ऊर्जा से संबंधित था।
मई से अगस्त तक ऊर्जा कटौती लगभग चार गुना बढ़ी
मई से अगस्त के बीच पिछले साल के मुकाबले ऊर्जा कटौती लगभग चार गुना बढ़ गई। सितंबर 2026 में हुई कुल कटौती में सौर ऊर्जा का हिस्सा 83 प्रतिशत रहा, जो करीब 314 एमयू के बराबर था।
पवन ऊर्जा की सबसे ज्यादा कटौती गुजरात में हुई, जबकि राजस्थान में जो कटौती की गई वह पूरी तरह से सौर ऊर्जा से जुड़ी थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर बैटरी स्टोरेज सिस्टम लगाकर जरूरत के समय अधिक स्वच्छ ऊर्जा बचाई जा सकती है। भारत के बिजली ग्रिड को इस समय ऐसे समाधान की सख्त जरूरत है।