भारत में बिजली का महासंकट, सितंबर में 50.40 करोड़ यूनिट की रिकॉर्ड कमी
भारत में बिजली का संकट अब काफी बढ़ गया है। सितंबर 2026 में 50.40 करोड़ यूनिट्स बिजली की कमी दर्ज की गई, जो इस साल का सबसे बड़ा आंकड़ा है। अगस्त में यह कमी सिर्फ 9.8 करोड़ यूनिट्स थी, जिससे पता चलता है कि हालात कितने खराब हुए हैं। केंद्रीय बिजली प्राधिकरण के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2027 में अप्रैल से अगस्त के बीच बिजली की असली मांग सरकारी अनुमानों से 3.3 प्रतिशत ज्यादा रही। कूलिंग की बढ़ती जरूरतों और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने से बिजली की खपत अचानक बढ़ गई।
भारत में बिजली की खपत 8.19 लाख मिलियन यूनिट्स
सरकार यह अनुमान लगाने में लगातार चूक रही है कि लोग वास्तव में कितनी बिजली इस्तेमाल करते हैं।
वित्तीय वर्ष 2027 के शुरुआती पांच महीनों में बिजली की खपत 8.19 लाख करोड़ यूनिट्स तक पहुंच गई, जबकि इसका अनुमान 7.93 लाख करोड़ यूनिट्स था। यह अनुमान से काफी ज़्यादा है। यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि ऐसी स्थिति कई सालों से बनी हुई है, बस आंकड़े बदलते रहते हैं। अगर बिजली की मांग इसी तरह बढ़ती रही और जल्द ही अतिरिक्त बिजली का इंतजाम नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह संकट और गहरा सकता है।