प्रधानमंत्री की मौजूदगी में नौसेना को मिले 3 'आत्मनिर्भर' युद्धपोत, बढ़ी भारत की समुद्री ताकत
भारत ने हाल ही में अपनी नौसेना में 3 नए युद्धपोतों- INS दूनागिरी, INS अग्रय और INS संशोधक का स्वागत किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पल को 'भारत की समुद्री ताकत के विकास में एक मील का पत्थर' बताया है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। ये युद्धपोत सिर्फ आधुनिक तकनीक से ही नहीं बने हैं, बल्कि इन्हें पूरी तरह देश में ही तैयार किया गया है। यह 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता का मजबूत संकेत है।
प्रधानमंत्री मोदी ने नौसेना के विस्तार पर दिया जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि हाल ही में 40 से ज्यादा स्वदेशी युद्धपोत और पनडुब्बियां नौसेना में शामिल हो चुकी हैं। इसके अलावा, 45 और जहाज आने वाले समय में बेड़े का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इन जहाजों के निर्माण में 200 से ज्यादा लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) ने अहम भूमिका निभाई है। यह दिखाता है कि भारत का समुद्री क्षेत्र न केवल नौकरी के नए अवसर पैदा कर रहा है, बल्कि भविष्य में यह समुद्री क्षेत्र में एक वैश्विक ताकत बनकर उभरेगा।