वैश्विक बाजार में दोगुने हुए यूरिया के दाम, भारत के 25 लाख टन के ऑर्डर पर संकट
भारत ने 2.5 मिलियन टन यूरिया खरीदने के लिए एक बड़ा ऑर्डर निकाला है। इसके जवाब में सप्लायर्स ने करीब छह मिलियन टन यूरिया की पेशकश की है।
हालांकि, इसमें एक पेंच यह है कि कीमतें बढ़कर 935 से 959 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गई हैं। यह फरवरी के मध्य में जारी किए गए टेंडर से लगभग 84% ज्यादा है। यूरिया की कीमत में यह उछाल ज्यादातर दुनिया भर के तनाव और भारत की जून में होने वाली बुवाई के मौसम से पहले उर्वरक की तत्काल जरूरत की वजह से आया है।
यूरिया का फैसला 23 अप्रैल तक
सरकार के पास 23 अप्रैल तक का समय है, जब उसे यह तय करना है कि कितना यूरिया खरीदा जाए और किस कीमत पर। मिलिनियम कमोडिटी और चेसमेक्स जैसी बड़ी कंपनियों ने अपनी पेशकश की है। लेकिन अगर भारत इतनी ऊंची कीमतों पर यूरिया खरीदने का फैसला करता है, तो इसका असर पूरी दुनिया में यूरिया की कीमतों पर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, अब पूरी दुनिया की नजरें भारत के इस फैसले पर टिकी हैं।