भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर, न्यूजीलैंड से नया सीखेंगे किसान
क्या है खबर?
भारत और न्यूजीलैंड के बीच सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर हुए। समझौते पर हस्ताक्षर भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूज़ीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने किया। इस दौरान गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी पढ़ा। गोयल ने कहा कि यह भारत का पहला महिलाओं के नेतृत्व वाला FTA है, जो रिकॉर्ड 9 महीनों में सफलतापूर्वक पूरा हुआ है।
बयान
वाणिज्य मंत्री गोयल ने क्या कहा?
गोयल ने समझौते पर हस्ताक्षर के बाद एक्स पर लिखा, 'यह समझौता भारतीय निर्यात को न्यूज़ीलैंड में 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त पहुंच प्रदान करता है, जिससे लघु और मध्यम उद्योग, किसानों, महिलाओं, युवाओं, पेशेवरों और रोज़गार पैदा करने वाले क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण अवसर खुलते हैं।' उन्होंने कहा कि यह एक संतुलित-सुनियोजित ढांचे के जरिए भारत के संवेदनशील हितों की रक्षा करता है। यह भविष्योन्मुखी समझौता भारत में 20 अरब डॉलर (करीब 1.88 लाख करोड़) के निवेश को भी सुगम बनाएगा।
समझौता
भारत के किसानों का हित रखा- गोयल
इस मौके पर गोयल ने कहा कि समझौते में भारत के किसान और पशुपालकों का हित सुरक्षित रखा गया है। दोनों को FTA से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि डेयरी समेत वे उत्पाद जो किसानों के लिए बहुत संवेदनशील है, उसे FTA में शामिल नहीं किया गया है। गोयल ने बताया कि न्यूजीलैंड से किसानों की टीम भारत आएगी और कीवी, शहद समेत अन्य चीजों का उत्पादन बढ़ाने में भारतीय किसानों को तकनीक में सहयोग देंगे।
ट्विटर पोस्ट
किसानों के हितों को लेकर गोयल की बात
हमने भारत के किसानों और पशुपालकों के हितों को पूरी तरह से सुरक्षित रखा है।#IndiaNZFTA pic.twitter.com/c65XoJ7wC1
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) April 27, 2026
समझौता
क्या है भारत-न्यूजीलैंड FTA?
समझौते के तहत, भारत के सभी 8,284 निर्यात उत्पादों को लागू होने के पहले दिन से ही न्यूजीलैंड के बाजार में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा। इससे पहले, भारतीय वस्तुओं पर औसतन 2.2 प्रतिशत का शुल्क लगता था, जबकि वस्त्र, चीनी मिट्टी के बर्तन और ऑटोमोबाइल जैसी कुछ श्रेणियों पर 10 प्रतिशत तक का शुल्क लगता था। भरत ने भी न्यूजीलैंड से द्विपक्षीय आयात के 95 प्रतिशत हिस्से को कवर कर अपनी 70.03 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर छूट की पेशकश की है।