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भारत-पाकिस्तान ने एक-दूसरे के साथ परमाणु ठिकानों और कैदियों की जानकारी साझा की
भारत-पाकिस्तान ने एक-दूसरे से परमाणु ठिकानों की जानकारी साझा की है

भारत-पाकिस्तान ने एक-दूसरे के साथ परमाणु ठिकानों और कैदियों की जानकारी साझा की

लेखन आबिद खान
Jan 01, 2026
05:55 pm

क्या है खबर?

भारत और पाकिस्तान ने 1 जनवरी को एक-दूसरे के साथ अपने परमाणु ठिकानों की जानकारी साझा की है। ये वे ठिकाने हैं, जहां दोनों देश अपने परमाणु हथियार रखते हैं। इसके अलावा एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूची भी साझा की गई है। दोनों देशों के बीच यह परंपरा पिछले 35 साल से चली आ रही है। भारत और पाकिस्तान ने नई दिल्ली और इस्लामाबाद में राजनयिक माध्यमों से इस जानकारी का आदान-प्रदान किया है।

बयान

विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "द्विपक्षीय कांसुलर एक्सेस समझौते 2008 के प्रावधानों के तहत, भारत और पाकिस्तान ने आज राजनयिक चैनलों के माध्यम से नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं की सूची का आदान-प्रदान किया, जो भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं पर हमले के निषेध संबंधी समझौते के अंतर्गत आते हैं। इसके अलावा एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूचियों का आदान-प्रदान किया।"

कैदी

पाकिस्तान की कैद में कितने भारतीय नागरिक?

मंत्रालय ने बताया कि भारत ने अपने कब्जे में मौजूद 391 नागरिक कैदियों और 33 मछुआरों की सूची साझा की है, जो पाकिस्तानी हैं या जिनके पाकिस्तानी होने का संदेह है। इसी तरह पाकिस्तान ने भी अपने कब्जे में मौजूद 58 नागरिक कैदियों और 199 मछुआरों की सूची साझा की है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि 2014 से अब तक पाकिस्तान से 2,661 भारतीय मछुआरों और 71 भारतीय नागरिक कैदियों को वापस लाया गया है।

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आग्रह

भारत ने पाकिस्तान से किया ये आग्रह

विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत सरकार ने पाकिस्तान की हिरासत से नागरिक कैदियों, मछुआरों और उनकी नौकाओं को जल्द से जल्द रिहा करने और स्वदेश वापस भेजने का आह्वान किया है। इसके अलावा पाकिस्तान से यह भी आग्रह किया गया है कि वह सजा पूरी कर चुके 167 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों की रिहाई प्रक्रिया में तेजी लाए। साथ ही हिरासत में मौजूद 35 नागरिक कैदियों और मछुआरों को तत्काल कांसुलर पहुंच प्रदान करे।

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समझौता

35 सालों से जानकारी साझा कर रहे दोनों देश

भारत और पाकिस्तान के बीच 31 दिसंबर, 1988 को परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं पर हमले के निषेध संबंधी समझौता हुआ था। इसके तहत, दोनों देशों ने स्वीकार किया है कि वे एक-दूसरे के परमाणु ठिकानों पर हमला नहीं करेंगे और परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं की जानकारी साझा करेंगे। ये समझौता 27 जनवरी, 1991 को लागू हुआ था। दोनों देशों के बीच इस प्रकार की सूचियों का यह लगातार 35वां आदान-प्रदान है।

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