Loading...
भारत और नेपाल सीमा के अतिक्रमण का करेंगे मानचित्रण, ड्रोन का होगा इस्तेमाल
भारत और नेपाल सीमा के हिस्से का ड्रोन से मानचित्रण करने पर सहमत हुए हैं (फाइल तस्वीर)

भारत और नेपाल सीमा के अतिक्रमण का करेंगे मानचित्रण, ड्रोन का होगा इस्तेमाल

लेखन आबिद खान
Aug 21, 2026
01:19 pm

क्या है खबर?

भारत और नेपाल ने सीमा विवाद के एक हिस्से को सुलझाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। दोनों देश अपनी 1,880 किलोमीटर लंबी खुली सीमा पर स्थित 10 गज चौड़ी निर्जन भूमि की पट्टी दासगजा से लगे अतिक्रमणों का मानचित्रण करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने पर सहमत हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान 'सीमा पार कब्जे' का भी दस्तावेजीकरण किया जाएगा, जहां लोग अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार आने वाली जमीन का इस्तेमाल करते हैं

रिपोर्ट

SOC की बैठक में बनी सहमति

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला पिछले हफ्ते लखनऊ में हुई सर्वेक्षण अधिकारी समिति (SOC) की 13वीं बैठक में लिया गया है। इस समिति का नेतृत्व नेपाल के सर्वेक्षण विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी करते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों पक्ष ड्रोन का इस्तेमाल कर उन क्षेत्रों की तस्वीरें लेंगे, जहां सीमा पार कब्जा या अतिक्रमण है। अधिकारी मिलकर ऐसे इलाकों का पता लगाएंगे और एक तकनीकी मूल्यांकन तैयार करेंगे।

समयसीमा

3 साल के भीतर काम पूरा करने का लक्ष्य

नेपाल के सर्वेक्षण विभाग के उप निदेशक सुशील डांगोल ने बताया कि सीमा पार कब्जे का मानचित्रण 3 साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी शुरुआत मानसून के बाद की जा सकती है।

इसके बाद संयुक्त रूप से सत्यापित तकनीकी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिसका इस्तेमाल बाद में दोनों देशों को अतिक्रमण हटाने, भूमि की बहाली या मुआवजे पर बातचीत करने में मदद करने में किया जाएगा।

ADVERTISEMENT

टिप्पणी

बालेन शाह के विवादित बयान के बाद उठाया कदम

हाल ही में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संसद में कहा था कि भारत ने नेपाली भूमि पर अतिक्रमण किया है और नेपाल ने भी भारतीय भूमि पर अतिक्रमण किया है। उनके इस बयान पर खूब विवाद हुआ था।

बालेन ने ये टिप्पणियां लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी से जुड़े सवालों को लेकर की थी। इन क्षेत्रों को लेकर भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है।

ADVERTISEMENT

बिहार

बिहार के 6 जिलों में बनेंगे वॉच टावर

भारत-नेपाल सीमा से जुड़े बिहार के 6 जिलों में 108 वॉच टावर भी बनाए जाएंगे। इसे लेकर पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल और अररिया के जिलाधिकारियों को पत्र भेजे गए हैं। इसके लिए 10ंx10 मीटर की जगह का अधिग्रहण किया जाएगा।

दरअसल, हाल के समय में सीमा के साथ नो मेंस लैंड पर भारत विरोधी गतिविधियां देखने को मिली हैं। यहां अतिक्रमण और स्थायी निर्माण भी किया जा रहा है।

ADVERTISEMENT