भारत को मिला पहला इलेक्ट्रिक हाईवे, NH-66 पर 2,000 करोड़ रुपये का गेम चेंजर कॉरिडोर
केरलम में तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक जाने वाले NH-66 पर देश का पहला इलेक्ट्रिक ट्रक कॉरिडोर बनने जा रहा है। यह कॉरिडोर 622 किलोमीटर लंबा होगा। केंद्र सरकार ने 'पीएम ई-ड्राइव' योजना के तहत इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
इस प्रोजेक्ट का मकसद साफ-सुथरे परिवहन को बढ़ावा देना है। इस कॉरिडोर के लिए एक EV चार्जिंग नेटवर्क बनाने के लिए केरलम को अब तक 63.12 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं, जिसका इस्तेमाल इस कॉरिडोर के लिए भी किया जा सकेगा।
2050 तक केरलम को चाहिए 1,939 चार्जर
केरलम स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड और ICCT की एक रिसर्च से पता चला है कि इस कॉरिडोर के लिए 12.5-MW के चार्जिंग नेटवर्क की जरूरत पड़ेगी, जिस पर करीब 19 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
उन्होंने 13,355 ट्रकों के GPS डेटा का इस्तेमाल करके अनुमान लगाया है कि जैसे-जैसे ज्यादा ट्रक इलेक्ट्रिक होते जाएंगे, 2050 तक 1,939 चार्जर की आवश्यकता होगी। खास बात यह है कि ये सभी चार्जर केरलम की सालाना बिजली का 0.2 प्रतिशत से भी कम इस्तेमाल करेंगे। इससे स्थानीय संसाधनों पर बिना कोई बोझ डाले, यह एक बड़ी कामयाबी होगी।