भारत ने रचा इतिहास: खसरे से जंग में 'जीरो-डोज' बच्चों की संख्या में भारी गिरावट
WHO और UNICEF के नए आंकड़े बताते हैं कि वे बच्चे जिन्हें अपने पहले साल में एक भी टीका नहीं लगा (इन्हें 'जीरो-डोज' बच्चे भी कहते हैं), उनकी संख्या अब काफी कम हो गई है। साल 2024 में ऐसे 9.09 लाख बच्चे थे, जो 2025 में घटकर 6.79 लाख रह गए हैं।
यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है। इस बड़ी सफलता के बाद, 2001 के बाद पहली बार भारत उन शीर्ष 10 देशों की सूची से बाहर हो गया है जहां खसरे के खिलाफ सबसे ज्यादा बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पाता।
भारत ने 95 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज हासिल किया
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अब 95 प्रतिशत भारतीय बच्चों को DTP3 और MCV2 जैसे अहम टीके लग चुके हैं। यह एक बड़ी कामयाबी है, जो झुग्गी-झोपड़ियों, प्रवासी मजदूरों और दूर-दराज के इलाकों में टीकाकरण के लिए किए गए खास प्रयासों से मिली है।
हालांकि, अगर पूरी दुनिया की बात करें तो टीकाकरण की दर अभी भी महामारी से पहले के स्तर तक नहीं पहुंच पाई है, इसलिए इस दिशा में अभी और काम करने की जरूरत है।