बिजली संयंत्रों में कोयला भंडार बढ़ाएगी सरकार, मार्च 2027 तक 5.5 करोड़ टन किया जाएगा
भारत अपने बिजली संयंत्रों में कोयले का भंडार बढ़ाने की तैयारी में है। अभी यह भंडार 1.8 करोड़ टन है जिसे मार्च 2027 तक 5.5 करोड़ टन तक पहुंचाया जाएगा।
दरअसल, हाल में ईंधन की कमी के कारण बिजली कटौती हुई थी और बिजली भी महंगी हो गई थी। इसलिए सरकार चाहती है कि बिजली की आपूर्ति बनी रहे, खासकर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में होने वाले चुनावों को देखते हुए।
बिजली संयंत्रों को कोयले में प्राथमिकता से उद्योगों पर संकट
हालांकि, यह योजना ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में कारगर होगी, लेकिन बिजली संयंत्रों को कोयले में प्राथमिकता मिलने से अन्य उद्योगों को कोयला मिलने में दिक्कतें आ रही हैं।
इंडियन कैप्टिव पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के महासचिव राजीव अग्रवाल का कहना है कि बिगड़ता स्मॉग (प्रदूषण) इस स्थिति को और पेचीदा बना सकता है। यहां तक कि न्यूजप्रिंट बनाने वाली कंपनियां भी परेशान हैं, क्योंकि विभिन्न क्षेत्रों में कोयले की आपूर्ति लगातार घट रही है।