BRICS का महामंथन: जयशंकर ने रखी भविष्य की नींव, सप्लाई चेन की मजबूती पर जोर दिया
नई दिल्ली में भारत ने BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी की, जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के अब्बास अराघची जैसे कई बड़े नेता शामिल हुए। इस बैठक का मुख्य मकसद BRICS देशों को ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार से जुड़ी अड़चनों और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं जैसी बड़ी चुनौतियों का मिलकर सामना करने के लिए एक मंच पर लाना था।
जयशंकर ने सप्लाई चेन की मजबूती पर जोर दिया
जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि सप्लाई चेन को मजबूत बनाना और निष्पक्ष जलवायु कार्रवाई, सभी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने साफ कहा कि "शांति और सुरक्षा वैश्विक व्यवस्था के केंद्र में हैं", और सच्ची प्रगति केवल खुली बातचीत से ही संभव है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों के बीच और ईरान के नए सदस्य के तौर पर शामिल होने के बाद, अहम ऊर्जा मार्गों को सुरक्षित रखने पर खास बातचीत हुई। यह भी गौर करने लायक है कि BRICS अब दुनिया की लगभग आधी आबादी और वैश्विक जीडीपी का करीब 40 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करता है।