भारत में E20 युग का आगाज: महंगा होगा पेट्रोल या मिलेगी राहत?
भारत में अब E20 ईंधन की बिक्री शुरू हो गई है। यह ईंधन 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण है। सरकार का लक्ष्य तेल आयात को कम करना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम की दिशा में यह एक बड़ा कदम तो है, लेकिन इसे लेकर कुछ विवाद भी सामने आए हैं। कुछ ग्राहकों ने अपनी चिंताएं जाहिर की थीं, जिसके बाद सरकार ने 10 जुलाई को एक FAQ जारी करके उनकी शंकाओं को दूर करने की कोशिश की।
मारुति सुजुकी को E20 में कोई समस्या नहीं मिली
E20 ईंधन से प्रदूषण कम होने और इंजन की परफॉरमेंस बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, कुछ लोगों को डर है कि इससे इंजन में जंग लग सकता है। मारुति सुजुकी ने पुराने ईंधन मिश्रणों के लिए बनी कारों में E20 का इस्तेमाल कर टेस्ट किए और उन्हें कोई दिक्कत नहीं मिली। सरकार बताती है कि E20 से माइलेज में थोड़ी कमी आ सकती है, जिससे हर दिन के आवागमन में करीब 3 से 5 प्रतिशत तक ज्यादा खर्च हो सकता है। एथेनॉल की कीमत 71.86 रुपये प्रति लीटर तय की गई है, जो किसानों के लिए कमाई का एक नया जरिया भी बन सकती है।