सरकार ने दुर्लभ 'बादल तेंदुओं' को बचाने के लिए शुरू की अनूठी कार्य योजना, आप भी जानिए
अंतरराष्ट्रीय बादल तेंदुआ दिवस पर भारत ने इन दुर्लभ जंगली बिल्लियों को बचाने के लिए एक अनूठी कार्ययोजना की शुरुआत की है। यह योजना उत्तर-पूर्व भारत के 14 प्राथमिकता वाले इलाकों पर केंद्रित है। इनमें अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा और सिक्किम जैसे राज्य शामिल हैं, जहां बादल तेंदुए अब भी देखे जाते हैं। इस कार्ययोजना का मुख्य उद्देश्य जंगलों को दोबारा हरा-भरा करना, तेंदुओं के आवासों को आपस में जोड़ना और अवैध शिकार पर कड़ी लगाम लगाना है, ताकि इन लुप्तप्राय बिल्लियों के बचने के अवसर बढ़ सकें।
तेंदुओं की निगरानी और DNA जांच
इस योजना के तहत कैमरा ट्रैप और DNA जांच जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे हर तेंदुए की अलग से निगरानी हो सकेगी। इसके साथ ही तेंदुओं के DNA की आनुवंशिक विविधता और उनकी आबादी के आपसी जुड़ाव को भी बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा। यह पहल उत्तर-पूर्व भारत के वन्यजीवों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और वैश्विक स्तर पर वन्यजीवों को बचाने की कोशिशों में भी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।