सरकार ने लॉन्च किया AI प्लेटफॉर्म 'आदिवानी', जानिए क्या करेगा काम
भारतीय सरकार ने IIT दिल्ली की मदद से 'आदिवानी' नाम का एक AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसका मकसद देश भर के 700 से ज्यादा जनजातीय समुदायों को आपस में जोड़ना है।
इसकी सहायता से हिंदी, अंग्रेजी और जनजातीय भाषाओं के बीच अनुवाद करना और बोली को लिखित रूप में बदलना अब बहुत आसान हो गया है।
अभी यह संथाली, मुंडारी, भीली और गोंडी भाषाओं में काम करता है, और जल्द ही इसमें कुई और गारो जैसी अन्य भाषाएं भी जोड़ी जाएंगी।
आदिवानी से जनजातीय भाषाओं में सेवाएं मिलना हुआ आसान
आदिवानी केवल एक तकनीक भर नहीं है। इसका मकसद जनजातीय समूहों के लिए सरकारी योजनाओं, इलाज और पढ़ाई को उनकी अपनी मातृभाषा में सुलभ बनाना है।
इस प्लेटफॉर्म में टेक्स्ट-टू-स्पीच जैसे उपकरण हैं जो लिखे हुए को आवाज में बदल देते हैं, और यह पुराने दस्तावेजों को भी डिजिटाइज कर सकता है।
अनुवाद के काम में जनजातीय बज़ुर्ग और भाषा विशेषज्ञ भी हाथ बंटा रहे हैं।
मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा ने बताया, "हमारी संस्कृति को बचाए रखने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करना है कि भाषा की वजह से कोई पीछे न छूट जाए।"