सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों के लिए भारत ने सुरक्षा नियम और सख्त किए
भारत सरकार ने सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों के लिए कड़े नए नियम जारी किए हैं। इन नए नियमों के मुताबिक, इन कंपनियों को अपनी मुख्य तकनीक और डेटा का रास्ता (रूटिंग) देश के अंदर ही रखना होगा। इससे बाहरी लोगों के लिए जासूसी करना या उसमें छेड़छाड़ करना मुश्किल हो जाएगा।
सरकार का मकसद है कि इससे सुरक्षा बढ़े और विदेशियों की पहुंच पर लगाम कसी जा सके।
सैटेलाइट कनेक्शन भारतीय क्षेत्रों तक सीमित रहेंगे
सैटेलाइट कनेक्शन सिर्फ भारत के अंदरूनी इलाकों तक ही सीमित रहेंगे। अब इन्हें अंतरराष्ट्रीय गेटवे से नहीं जोड़ा जा सकेगा। साथ ही, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDRs/IPDRs) और नेटवर्क से जुड़ी संवेदनशील जानकारी को भी भारत में ही स्टोर करना होगा, ताकि बेहतर तरीके से निगरानी हो सके।
इसके अलावा, कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने के पांच साल के भीतर कम से कम 20 प्रतिशत ग्राउंड इक्विपमेंट देश में ही बनने चाहिए।
इससे घरेलू तकनीक को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए मौके भी बनेंगे। ये कदम सैटेलाइट इंटरनेट को भारत में सफल बनाने के लिए बहुत जरूरी हैं।