एनीमिया से जंग में भारत का मास्टरस्ट्रोक, अब नवजात से हर उम्र तक डिजिटल कवच की सुरक्षा
भारत सोमवार से 'एनीमिया मुक्त भारत' (AMB) प्रोग्राम का नया वर्जन शुरू कर रहा है। इस नए प्रोग्राम का उद्देश्य एनीमिया की समस्या से और भी बेहतर तरीके से निपटना है। नए दिशानिर्देशों के तहत, अब कम जन्म वजन वाले बच्चों (0-6 महीने) को भी इसमें शामिल किया गया है, क्योंकि उनमें आयरन की कमी से होने वाला खतरा कहीं ज्यादा होता है। इसके अलावा, लोगों को जल्द स्वस्थ करने के मकसद से आयरन से भरपूर आहार, जल्द निदान और नियमित जांच पर भी खास जोर दिया गया है।
डिजिटल उपकरणों का होगा इस्तेमाल
AMB के इस वर्जन में JANANI, RBSK और U-WIN जैसे डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य डेटा पर सही से नजर रखी जा सके और मरीजों की देखभाल में कोई कमी न आए। इस योजना में 'जीवन-चक्र' दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिससे शिशुओं से लेकर गर्भावस्था से पहले की महिलाओं तक सभी को लक्षित सहायता मिल सकेगी। भारत में 15-49 साल की आधी से ज्यादा महिलाएं और दो-तिहाई छोटे बच्चे एनीमिया से प्रभावित हैं। ऐसे में, इन बदलावों से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में एक बड़ा फर्क दिखने की उम्मीद है।