जानलेवा कैंसर और जहरीला भूजल, भारत ने सिंजेंटा खरपतवारनाशक पर कसा शिकंजा
स्वास्थ्य और पर्यावरण के जोखिमों को देखते हुए, भारत ने सिंजेंटा के एक खरपतवारनाशक (हर्बिसाइड) S-मेटोलाक्लोर टेक्निकल 96 प्रतिशत की मंजूरी पर रोक लगा दी है। प्रयोगशाला चूहों पर किए गए परीक्षणों में इसमें लिवर ट्यूमर पाए गए हैं और इसके भूजल को दूषित करने की आशंका भी है। यही नहीं, यूरोपीय संघ ने भी इन्हीं चिंताओं को देखते हुए इस खरपतवारनाशक पर प्रतिबंध लगा दिया है।
भारत ने कंपनी से मांगा स्पष्टीकरण
सिंजेंटा ने दावा किया है कि उसका खरपतवारनाशक पुराने विकल्पों से ज्यादा प्रभावी है और इसे अमेरिका, जापान और कनाडा जैसे कई देशों में मंजूरी मिली हुई है। मगर भारत की पंजीकरण समिति इन तर्कों से संतुष्ट नहीं है।
समिति ने स्पष्ट किया है कि उसे ठोस वैज्ञानिक प्रमाण चाहिए कि इस उत्पाद से इंसानों या पर्यावरण को कोई क्षति नहीं पहुंचेगी। जब तक सिंजेंटा कैंसर के जोखिमों और जल सुरक्षा पर कोई स्पष्ट डेटा मुहैया नहीं कराती, तब तक इस पर लगी मंजूरी की रोक बरकरार रहेगी।