भारत की बड़ी कामयाबी, साल 2019 से अब तक 274 वांछित अपराधी वापस लाए गए
गृह मंत्रालय ने बताया है कि 2019 से अब तक भारत 36 देशों से 274 वांछित अपराधियों को वापस लाने में सफल रहा है। यह संख्या साल में औसतन 40 लोगों की होती है, जो 2004 से 2013 के मुकाबले काफी ज्यादा है। उस दौरान हर साल केवल 4 अपराधी ही वापस लाए जा पाते थे। ये वांछित अपराधी आर्थिक अपराध, आतंकवाद, नशीली दवाओं की तस्करी और मानव तस्करी जैसे गंभीर मामलों में लिप्त थे।
भारतीय कानूनों और तकनीक ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को तेज किया
इस प्रक्रिया में नए कानूनों की वजह से काफी तेजी आई है। भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (2018) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम (2019) में हुए संशोधनों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। गृह मंत्रालय ने बताया कि इंटरपोल रेड नोटिस, ऑपरेशन त्रिशूल के सैटेलाइट इनपुट, निगरानी और डिजिटल फुटप्रिंट एनालिसिस जैसे तरीकों से अपराधियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने में बड़ी मदद मिली है। इसके अलावा, भारतपोल (BHARATPOL) जैसे नए प्लेटफॉर्म ने भी प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने में योगदान दिया है। इन 274 अपराधियों से जुड़ी 17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति को मनी लॉन्ड्रिंग प्रिवेंशन एक्ट (PMLA) के तहत जब्त किया गया है।