भारत की नई ऊर्जा क्रांति! पूर्वी तट पर गहरे समुद्र में छिपा 'तेल खजाना' निकालने की तैयारी
भारत अपने पूर्वी तट पर गहरे समुद्र में तेल और गैस के नए भंडारों की खोज के लिए एक बड़ा अभियान चला रहा है। हाल ही में अंडमान सागर में गैस का एक नया स्रोत मिलने के बाद, अब सरकार पुराने भूकंपीय डेटा की फिर से जांच कर रही है। साथ ही, महानदी, बंगाल-पूर्णिया, कावेरी और कृष्णा-गोदावरी (KG) जैसे अहम इलाकों में गहरे समुद्र में नए सर्वे करवाने के लिए टेंडर भी जारी किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का मुख्य लक्ष्य छिपे हुए तेल-गैस भंडारों को ढूंढना और ऊर्जा आयात पर देश की निर्भरता को कम करना है।
3 साल का इमेजिंग प्रोजेक्ट: विशेषज्ञ कंपनियों की भागीदारी
यह 3 साल का प्रोजेक्ट जमीन के नीचे की सटीक जानकारी पाने के लिए आधुनिक इमेजिंग तकनीक का इस्तेमाल करेगा। विशेषज्ञ कंपनियों को डेटा इकट्ठा करने और उसका विश्लेषण करने का काम सौंपकर (इसमें सरकार को शुरुआत में बड़ा खर्च नहीं करना होगा), भारत को उम्मीद है कि वह तेल और गैस के नए भंडारों की खोज तेजी से कर पाएगा। खासकर उन बेसिन में जहां अपार संभावनाएं हैं लेकिन उनकी ठीक से खोज नहीं हुई है। अगर यह प्रोजेक्ट सफल रहा, तो इससे देश में ऊर्जा की आपूर्ति बढ़ेगी और तेल-गैस के आयात पर होने वाले बड़े खर्च को कम किया जा सकेगा।