भारत ने होर्मुज में अपने नाविकों की तैनाती रोकी, क्यों लिया इतना बड़ा फैसला?
इलाके में जहाजों पर हमले बढ़ने के बाद, भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने नाविकों को भेजने पर फिलहाल रोक लगा दी है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) ने जहाज मालिकों और भर्ती एजेंसियों को इन नियुक्तियों को अगले आदेशों तक रोकने का निर्देश दिया है। यह फैसला हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद लिया गया है, जब कई व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया था। इन्हीं घटनाओं में एक भारतीय नाविक की जान भी चली गई थी।
DGS और IMO ने हॉर्मुज पर दी चेतावनी
DGS सभी को सतर्क रहने और नौवहन चेतावनियों का सावधानी से पालन करने की सलाह दे रहा है, क्योंकि यह जलडमरूमध्य अब और भी ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन (IMO) ने भी सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए यहां व्यापारिक गतिविधियों से बचने की सलाह दी है।
दुनिया भर में 3 लाख से अधिक भारतीय समुद्री कर्मी कार्यरत हैं। भारत का यह फैसला, फिलीपींस जैसे अन्य देशों द्वारा उठाए गए समान कदमों के साथ, यह साफ दिखाता है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में मंडराते खतरों को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है।