अमेरिका-ईरान समझौते से तेल बाजार को राहत, भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम जस के तस क्यों?
भले ही दुनिया के ऊर्जा बाजारों को अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते से राहत मिली है, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 25 मई से अब तक नहीं बदली हैं। सरकारी तेल कंपनियां अभी भी पश्चिम एशिया में पहले हुए तनावों के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सामना कर रही हैं। पिछले महीने 78 दिनों तक दाम स्थिर रखने के बाद, कंपनियों ने प्रति लीटर 7.50 रुपये बढ़ा दिए थे। ऐसा 4 साल में पहली बार हुआ था।
ब्रेंट क्रूड 78.66 डॉलर प्रति बैरल पर आया
18 जून को हुए शांति समझौते के बाद से ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम गिरकर 78.66 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं, जिससे भारतीय रुपया मजबूत हुआ और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.50 पर पहुंच गया है। इस समझौते के तहत ईरान के विकास के लिए 300 अरब डॉलर (लगभग 28 लाख करोड़ रुपये) की एक योजना भी है और ईरान 60 दिनों की बातचीत के दौरान टोल-फ्री मार्ग की इजाजत देगा। विश्लेषकों का मानना है कि तेल की कीमतों में और गिरावट के साथ हालात स्थिर होते रहेंगे।