क्या अमेरिका के दबाव में लगाया गया UPI पर शुल्क? सरकार ने कही ये बात
भारत सरकार ने उन दावों को सिरे से खारिज किया है, जिनमें कहा जा रहा था कि कुछ UPI लेनदेन पर नई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) नीति अमेरिकी दबाव में बनाई गई है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह नीति डिजिटल भुगतानों को सुचारु और लगातार चालू रखने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र रूप से तैयार की गई है। इस बीच, कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह जीरो-MDR खत्म करके अमेरिकी कार्ड कंपनियों को फायदा पहुंचा रही है।
व्यापारियों को UPI लेनदेन पर देना होगा 0.4 प्रतिशत शुल्क
अब व्यापारियों को 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतानों पर 0.4 प्रतिशत शुल्क चुकाना होगा। यह शुल्क 15 अक्टूबर से लागू होगा। हालांकि, आम लोगों यानी रेगुलर यूजर्स से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, उनके लिए UPI अभी भी मुफ्त रहेगा।
जहां कांग्रेस ने इसे "मोदी टैक्स" करार दिया है और राहुल गांधी ने दावा किया है कि यह अमेरिका की मदद करेगा, वहीं सरकार और भाजपा का कहना है कि यह कदम डिजिटल भुगतानों को सभी के लिए टिकाऊ बनाने के मकसद से उठाया गया है।