भारत किन विदेशी नागरिकों को देश में आने से रोक सकता है? बदल गए नियम
भारत ने विदेशी यात्रियों के लिए अपने प्रवेश नियमों को अपडेट किया है। अब अगर कोई भी व्यक्ति साइबर क्राइम, बच्चों की तस्करी, क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी धोखाधड़ी या टेरर फंडिंग (आतंकवाद के लिए पैसा जुटाना) जैसे कामों में लिप्त पाया जाता है, तो उसे देश में आने से रोक दिया जाएगा और ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
ये नए नियम पहले से चले आ रहे फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और सुरक्षा से जुड़े खतरों पर लगी पाबंदियों के साथ लागू होंगे।
अपराधों की गंभीरता को देखते हुए, सिस्टम अभी भी ग्रेड A से D तक की श्रेणियों का इस्तेमाल करता है।
भारत का ग्रेड A सबसे गंभीर खतरों के लिए
ग्रेड A सबसे गंभीर खतरों के लिए तय किया गया है। इसमें उन लोगों को शामिल किया जाता है, जिनके संबंध प्रतिबंधित संगठनों से होते हैं या जिन्होंने फर्जी तरीके से यात्रा दस्तावेज या वीजा हासिल किए होते हैं।
ग्रेड B में इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन और वित्तीय मामलों जैसे कम गंभीर अपराधों को रखा गया है। इन बदलावों की अहमियत समझने के लिए 13 मार्च, 2026 को हुई एक गिरफ्तारी का उदाहरण देखा जा सकता है। अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों को म्यांमार के जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
इस तरह के मामलों को रोकने और देश की सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह बदलाव जरूरी हैं। इन नए दिशानिर्देशों का मुख्य मकसद प्रवेश नियमों को और ज्यादा स्पष्ट करना और भारत को अधिक सुरक्षित बनाना है।