भारत-वेनेजुएला ने तोड़ा तेल का बंधन, अब खनिज और फार्मा में नई साझेदारी
वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के भारत दौरे (3-6 जून) के दौरान दोनों देशों ने अपने रिश्तों को एक नया विस्तार दिया है। अब तक दोनों का रिश्ता सिर्फ तेल के कारोबार तक सीमित था, लेकिन अब वे इससे आगे बढ़कर महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स), खनन (माइनिंग) और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने की बात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत में आर्थिक संबंधों में विविधता लाने पर खास ध्यान दिया गया, ताकि दोनों देशों के बीच एक मजबूत और बहुआयामी साझेदारी बन सके।
ONGC के लंबित लाभांश पर हुई बात
वेनेजुएला के पास सोना, हीरे और रणनीतिक खनिज जैसे कई कीमती संसाधन हैं, जिनमें भारत की खास दिलचस्पी है। दोनों देश चाहते हैं कि इन संसाधनों का इस्तेमाल दोनों के फायदे के लिए हो। फार्मास्यूटिकल्स भी वेनेजुएला के लिए एक बड़ा प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। इस दौरे में ONGC के लंबित लाभांश का मुद्दा भी उठाया गया। यह दौरा साफ दिखाता है कि अब दोनों देश सिर्फ तेल के व्यापार से आगे बढ़कर एक गहरा और रणनीतिक संबंध बनाना चाहते हैं।