भारत-अमेरिका का स्वच्छ ऊर्जा को लेकर बड़ा कदम, वॉशिंगटन में परमाणु-LPG पर बड़ा समझौता
भारत और अमेरिका अपनी ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करने में जुटे हैं। हाल ही में वाशिंगटन में दोनों देशों के उच्च अधिकारियों की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में उन्होंने परमाणु ऊर्जा, कोयले से गैस बनाने (कोल गैसीफिकेशन) और अधिक मात्रा में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) के व्यापार जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करने पर चर्चा की। दरअसल, यह दोनों देशों के बीच स्वच्छ ऊर्जा संबंधों को और गहरा करने की एक बड़ी पहल है।
अमेरिका ने भारत को परमाणु परियोजनाओं में मदद का प्रस्ताव दिया
अमेरिका ने भारत को नागरिक परमाणु परियोजनाओं में मदद करने और अधिक LPG भेजने का प्रस्ताव दिया है। यह इसलिए भी खास है क्योंकि भारत पहले से ही अमेरिका से बड़ी मात्रा में ऊर्जा आयात कर रहा है। वित्त वर्ष 2025 में भारत ने जितना कोकिंग कोल आयात किया, उसमें से 40 प्रतिशत (यानी 20 मिलियन टन) अमेरिका से ही आया था।
इसी क्रम में, 20 अप्रैल को GAIL इंडिया ने अमेरिका से एक LNG जहाज़ को रवाना किया। यह कदम स्वच्छ ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत-अमेरिका के बीच बढ़ते गहरे सहयोग का एक स्पष्ट संकेत है। इससे साफ पता चलता है कि दोनों देश मिलकर न सिर्फ आगे बढ़ना चाहते हैं, बल्कि इस प्रक्रिया में पर्यावरण को भी स्वच्छ रखना चाहते हैं।