'खराब कोलेस्ट्रॉल' का भयावह सच: भारत-चीन में दुनिया के 34 प्रतिशत स्वस्थ जीवन साल खोए, लाखों जान गईं
JAMA जर्नल में छपी एक नई स्टडी के मुताबिक, भारत और चीन में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL-C) के कारण दुनिया भर के 34 प्रतिशत स्वस्थ जीवन के साल खो जाते हैं। सिर्फ साल 2023 में ही, खराब कोलेस्ट्रॉल ने दुनिया भर में 30.6 लाख लोगों की जान ले ली और 9 करोड़ स्वस्थ जीवन वर्ष छीन लिए। यह दिल की बीमारियों और स्ट्रोक का एक प्रमुख कारण है। दुनिया भर में इस्केमिक हार्ट डिजीज से होने वाली करीब एक-तिहाई मौतें और स्ट्रोक से होने वाली एक-चौथाई से भी ज्यादा मौतें इसी की देन हैं।
1990 से खराब कोलेस्ट्रॉल के मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हुई
साल 1990 से लेकर अब तक, खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL-C) से जूझ रहे वयस्कों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है। यह 2.5 बिलियन से बढ़कर 4.6 बिलियन तक पहुंच गई है। खास बात यह है कि ऐसा तब हुआ है जब इसके इलाज के तरीकों में काफी सुधार आया है, जिससे मौत की दर लगभग आधी घट गई है।
स्टडी में जोर देकर कहा गया है कि खराब कोलेस्ट्रॉल से बचाव और इसके बेहतर इलाज पर ज्यादा ध्यान देना होगा। खासकर मध्यम आय वाले देशों में, जहां इस दिशा में अभी भी कमी है, वहां दिल की बीमारियों और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने के लिए यह बेहद जरूरी है।