बीजिंग में भारत-चीन की अहम मुलाकात: क्या LAC पर कम होगा तनाव?
भारत और चीन ने 28 मई को बीजिंग में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य मकसद पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चल रहे तनाव को कम करना था। 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद से अब तक जो प्रगति हुई है, उससे दोनों देश संतुष्ट दिख रहे हैं। अब उनका लक्ष्य है कि रिश्तों को सामान्य बनाने के लिए और ज्यादा स्थिरता लाई जाए।
भारत ने की सीमा पार नदियों पर विशेषज्ञ स्तर की बातचीत की मांग
दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा के प्रबंधन, उसकी पहचान और LAC पर एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने के तरीकों पर बात की। भारत ने खास तौर पर सीमा पार बहने वाली नदियों के मुद्दे पर विशेषज्ञ स्तर की बातचीत की वकालत की। यह विषय पहले से ही दोनों देशों के बीच काफी संवेदनशील रहा है। अगले दौर की बातचीत चीन में होनी है, उससे पहले दोनों देश कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर अपनी बातचीत जारी रखने के लिए तैयार हुए हैं।
देपसांग और डेमचोक से सैनिकों की वापसी
यह बैठक 2024 से उठाए गए कई बड़े कदमों की अगली कड़ी है। इन कदमों में देपसांग और डेमचोक जैसे इलाकों से सैनिकों को पीछे हटाना भी शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने के लिए कदम उठाने का फैसला किया था। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि आगे भी यह सकारात्मक प्रक्रिया इसी तरह जारी रहेगी।