भारत-बांग्लादेश का संयुक्त अभियान: सीमा पर अब तस्करों-मानव तस्करों की खैर नहीं
हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बीच नई दिल्ली में 4 दिन तक चली एक अहम बैठक खत्म हो गई है। इस बैठक में दोनों देशों ने सीमा सुरक्षा को लेकर और ज्यादा मिलकर काम करने पर सहमति जताई है। खास तौर पर इस बात पर जोर दिया गया कि दोनों देश जानकारी साझा करें, सीमा पर मिलकर गश्त करें और तस्करी के साथ-साथ मानव तस्करी जैसे गंभीर मुद्दों से निपटें। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देश अपने तनाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। बांग्लादेश ने हिंदुस्तान पर आरोप लगाया था कि वह अवैध प्रवासियों को वापस भेज रहा है, वहीं हिंदुस्तान ने साफ किया है कि वह अपने कानूनों के दायरे में रहकर ही कार्रवाई कर रहा है।
हिंदुस्तान और बांग्लादेश ने साझा रिकॉर्ड पर हस्ताक्षर किए
दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा पर होने वाली मौतों को रोकने और वहां रहने वाले स्थानीय लोगों के लिए इलाके को और सुरक्षित बनाने पर भी चर्चा की। 11 जून को उन्होंने 'चर्चा के संयुक्त रिकॉर्ड' पर दस्तखत किए। अगली दौर की बातचीत नवंबर 2026 में ढाका में होने वाली है। उम्मीद की जा रही है कि इस पहल से सीमाई इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए माहौल शांत और सुरक्षित बना रहेगा।