G-20 में भारत-अमेरिका की व्यापारिक जुगलबंदी, 'मिलवॉकी फ्रेमवर्क' से बदलेगा वैश्विक व्यापार का खेल?
अमेरिका के मिलवॉकी में हुई हालिया G-20 व्यापार बैठक में भारत और अमेरिका ने अपने बढ़ते व्यापारिक संबंधों को प्रदर्शित किया। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने तो मजाक में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को 'आजीवन व्यापार मंत्री' तक कह दिया।
इस मैत्रीपूर्ण माहौल से परे हटकर, दोनों देशों ने कई अहम मुद्दों पर बात की। इनमें खाद्य सुरक्षा, सप्लाई चेन में बंधुआ मजदूरी और इस बात पर जोर देना शामिल था कि कोई भी देश भोजन को सौदेबाजी का हथियार न बनाए।
मिल्वौकी फ्रेमवर्क से दुनिया भर में स्टील की अधिशेष समस्या पर विचार
इस शिखर सम्मेलन में "मिल्वौकी फ्रेमवर्क" नाम का एक नया खाका भी पेश किया गया। इसका मकसद दुनिया भर में स्टील के अत्यधिक उत्पादन की समस्या से निपटना है। सभी देशों ने मिलकर काम करने पर सहमति जताई, ताकि बेहतर निगरानी की जा सके और ट्रांसशिपमेंट की बारीकी से जांच हो सके, जिससे सब कुछ निष्पक्ष बना रहे। यह पहल पहले के G-20 के वादों पर आधारित है और इसका लक्ष्य वैश्विक व्यापार में सभी के लिए समान नियम तय करना है।