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INDIA के सांसदों का राष्ट्रपति भवन तक मार्च, राहुल-ममता समेत कई नेता शामिल 
INDIA के सांसदों ने संसद भवन में बैठक के बाद मार्च निकाला

INDIA के सांसदों का राष्ट्रपति भवन तक मार्च, राहुल-ममता समेत कई नेता शामिल 

लेखन आबिद खान
Oct 09, 2026
08:27 pm

क्या है खबर?

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA आज लगातार चौथे दिन सड़क पर उतरा है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति भवन तक मार्च किया। पहली बार ममता बनर्जी भी विपक्षी नेताओं के साथ नजर आईं। इसके बाद सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने गया। बाकी बचे हुए सांसदों ने विजय मार्च पर ही धरना दिया।

बयान

राहुल ने नेहरू का भाषण दोहराया

राहुल गांधी ने कहा, "जवाहरलाल नेहरू ने एक बहुत मशहूर भाषण दिया था। यह भाषण 14 अगस्त 1947 को संसद के इसी हॉल से दिया गया था। मैं इसके कुछ हिस्से बताना चाहता हूं। यह भारत, पूरे एशिया और दुनिया के लिए अहम पल है। पूरब में आजादी का नया सितारा उदय हो रहा है, नई उम्मीद जगी है, लंबे समय से संजोया गया सपना सच हो रहा है। यह सितारा कभी अस्त न हो और उम्मीद कभी टूटे नहीं।"

ट्विटर पोस्ट

विपक्षी सांसदों के मार्च की तस्वीरें

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खड़गे का बयान

खडगे बोले- ज्ञानेश कुमार छोटी मछली

खडगे ने कहा, "ज्ञानेश कुमार छोटी मछली है, लेकिन उनके पीछे मोदी-शाह और उनकी सरकार है। मोदी सरकार चाहती है कि सारे हक छीन लिए जाएं और तानाशाही की जाए। अगर तानाशाही आएगी तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा, जिससे संविधान और सारे हक भी खत्म हो जाएंगे। लोकतंत्र, संविधान और जनता के हित के लिए हम लड़ रहे हैं। अगर वोट का अधिकार छीन लिया जाएगा तो पूरी तरह से तानाशाही आ जाएगी।"

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संसद

सांसदों ने पहले संसद में की बैठक

सभी विपक्षी सांसद पहले संसद में इकट्ठा हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, उमर अब्दुल्ला, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल, इमरान प्रतापगढ़ी, मनोज झा, अभिषेक मनु सिंघवी, सुप्रिया सुले और कपिल सिब्बल समेत तमाम सांसद संसद में इकट्ठा हुए। इसके बाद संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में सभी सांसदों की बैठक हुई।

फिर सांसद राष्ट्रपति से मिलने के लिए रवाना हुए।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सांसदों को रात 8 बजे मिलने का समय दिया था।

पिछले प्रदर्शन

बीते 3 दिन में क्या-क्या हुआ?

6 अक्टूबर को सांसदों ने चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च निकाला। पुलिस ने पहले ही रोक दिया। राहुल-प्रियंका आकाशवाणी भवन में धरने पर बैठ गए।

7 अक्टूबर को जंतर मंतर तक मार्च निकाला। फिर पुलिस ने पहले ही रोक दिया। इस दौरान राहुल और प्रियंका को जबरन सड़क से हटाया गया।

8 अक्टूबर को राजघाट तक मार्च निकाला गया। राहुल, मल्लिकार्जुन खड़गे और कुछ अन्य सांसदों ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

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