ED ने छत्तीसगढ़ के DMF घोटाले में की 50 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त, IAS समेत 17 नामजद
छत्तीसगढ़ में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) फंड से जुड़े एक बड़े घोटाले का पता चलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 31.7 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। 29 अक्टूबर को ED के रायपुर दफ्तर ने मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानूनों के तहत यह अंतरिम कुर्की आदेश जारी किया। इस मामले में सतपाल सिंह छाबड़ा और मनदीप चावला सहित 17 लोगों के खिलाफ पूरक शिकायत 30 अक्टूबर को रायपुर की एक विशेष अदालत में दाखिल की गई।
छत्तीसगढ़ DMF जांच में 50 करोड़ की संपत्ति जब्त
जांचकर्ताओं को पता चला है कि सरकारी अधिकारियों और बिचौलियों ने मिलकर लागत को बढ़ाकर और 50 प्रतिशत तक का अवैध कमीशन लेकर DMF के पैसे का गबन किया। इस काले धन को छिपाने के लिए इसे कई जटिल लेन-देन के जरिए इधर-उधर किया गया। यह मामला छत्तीसगढ़ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और आर्थिक अपराध शाखा द्वारा रायपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज की गई एक FIR से शुरू हुआ था। अब तक इस मामले में 50 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इस मामले में एक IAS अधिकारी सहित कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। ED अभी भी इस बात की जांच कर रही है कि इस भ्रष्टाचार का स्थानीय विकास कार्यों पर क्या असर पड़ा है।