कोलकाता के 'राम की अयोध्या' पोस्टर पर बवाल, दुर्गा पूजा में मां दुर्गा की जगह राम क्यों?
कोलकाता के सॉल्ट लेक में 'राम की अयोध्या' कार्यक्रम का एक नया पोस्टर इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पोस्टर में मां दुर्गा को प्रमुखता देने के बजाय भगवान राम को दिखाया गया है। यह पोस्टर ऐसी दुर्गा पूजा का प्रचार कर रहा है जिसका समापन रावण दहन के साथ होगा। यह पोस्टर ऑनलाइन खूब शेयर किया जा रहा है। इसे देखकर कई लोग हैरान हैं कि इसमें पारंपरिक प्रतीक क्यों नहीं हैं और बंगाल में त्योहारों को दिखाने के तरीके पर इसका क्या असर होगा।
सॉल्ट लेक में पहली बार हो रही पूजा पर बंटी राय
यह पहला साल है जब सॉल्ट लेक सांस्कृतिक संसद दुर्गा पूजा का आयोजन कर रही है। इसमें राज्यपाल आरएन रवि और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी जैसे बड़े नाम जुड़े हैं। कुछ लोग ऑनलाइन बंगाली की जगह हिंदी के इस्तेमाल और दुर्गा की बजाय राम पर ज्यादा जोर देने से खुश नहीं हैं। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि यह तो बस त्योहार मनाने का एक अलग तरीका है। इस पूरे मामले ने त्योहारों के दौरान संस्कृतियों के मेलजोल और परंपराओं को कितना बदलना चाहिए या उन्हें वैसा ही रखना चाहिए, इस पर नई बहस छेड़ दी है।