जुलाई में LPG खपत में आया 8 प्रतिशत का उछाल, 6 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची
भारत में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) की खपत जुलाई 2026 में एक बार फिर बढ़ी और जून के मुकाबले 8 प्रतिशत ज्यादा होकर 6 महीने के उच्चतम स्तर 2.37 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गई। इस बढ़ोतरी की एक वजह सरकार द्वारा सप्लाई पर लगाई गई पाबंदियों को हटाना रहा। इसके साथ ही मध्य पूर्व में तनाव कम होने के बाद समुद्री रास्ते भी सुगम हो गए, जिससे LPG की आपूर्ति में आसानी हुई। हालांकि, अगर पूरे साल की खपत को देखें, तो यह अभी भी लगभग 16 प्रतिशत कम बनी हुई है। इसकी मुख्य वजह पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष और होर्मूज जलडमरूमध्य का बंद होना है।
घरों में 90 प्रतिशत LPG की खपत
भारत में इस्तेमाल होने वाली कुल LPG का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा घरों में खपत होता है। बाकी का 10 प्रतिशत व्यापारिक और औद्योगिक उपयोग के लिए जाता है। पिछले महीने की तुलना में डीजल की खपत में 6.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह मानसून की बारिश से गतिविधियों में आई सुस्ती मानी जा रही है। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले इस साल डीजल की खपत में बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल की खपत में भी पिछले साल भर से लगातार बढ़त देखी जा रही है। वहीं दूसरी ओर विमान ईंधन (एविएशन फ्यूल) की खपत दिसंबर 2023 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। किया है।