सरकार ने पावर प्लांटों में 36 प्रतिशत बढ़ाई कोयले की आपूर्ति, सप्लाई हुई स्थिर
कोयला मंत्रालय ने बताया है कि सितंबर से देश के पावर प्लांटों तक हर दिन पहुंचने वाले कोयले की मात्रा में 36 फीसदी का बड़ा उछाल आया है। अब सिर्फ ज्यादा ट्रेनें ही कोयला नहीं ले जा रही हैं, बल्कि हर दिन 465 से ज्यादा रैक कोयला ढो रहे हैं। इसके साथ ही प्लांटों में कोयले का स्टॉक खत्म होने की रफ्तार भी काफी धीमी हो गई है। ये सारे संकेत इस बात की तरफ इशारा कर रहे हैं कि देश में बिजली की सप्लाई अब आखिरकार स्थिर हो रही है।
कोयला मंत्रालय: 'क्रिटिकल स्टॉक' सिर्फ शुरुआती चेतावनी
मंत्रालय का कहना है कि जब 'क्रिटिकल स्टॉक' (गंभीर भंडारण) शब्द सुनाई देता है, तो इसका मतलब यह नहीं कि ईंधन खत्म होने वाला है। यह तो बस एक शुरुआती चेतावनी होती है। इस चेतावनी की मदद से पावर प्लांट किसी भी समस्या से पहले ही निपटने की तैयारी कर लेते हैं। भले ही अभी कोयले की सप्लाई ठीक-ठाक दिख रही है, लेकिन असल में रिजर्व स्टॉक को फिर से बनाने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। सरकार इस बात पर जोर दे रही है कि रेल के जरिए कोयले की लोडिंग और सड़क जैसे दूसरे साधनों से भी इसकी सप्लाई बिना किसी रुकावट के चलती रहे। ऐसा इसलिए ताकि बिजली अचानक गुल न हो और लोग यह जानकर चैन की सांस ले सकें कि हालात काबू में हैं।